15 March 2016 वास्तु

ऑफिस वह जगह है जहां लोग पेशेवर ढंग से अपने पेशे और व्यापार के लिए लक्षित होकर काम करते हैं. यह जगह धन सृजन के साथ-साथ प्रतिष्ठा और महत्वाकांक्षाओं की पूर्ति की जगह है. सैद्धांतिक तौर पर ऑफिस को सकारात्मक उर्जा से भरा होना चाहिए,

15 March 2016 अनुष्ठान

जब किसी भी कारण से व्यक्ति के ऊपर अकाल मृत्यु का या मृत्यु तुल्य कष्ट का खतरा मडराने लगा हो तो महामृत्युंजय मन्त्र का अनुष्ठान, मन्त्रों के माध्यम से उपचार करने का एकमात्र रास्ता रह जाता है. ऐसा कहा जाता है कि यदि स्वयं शिव ने ही मृत्यु सुनिश्चित ना कर दी हो तो इस मन्त्र में, यमराज के मुंह से भी व्यक्ति को बाहर लाने का सामर्थ्य है . महामृत्युंजय मन्त्र भगवान् शिव को प्रसन्न करके मृत्यु के भय से मुक्त करने के लिए अचूक मन्त्र है .

कब करें महामृत्युंजय मन्त्र का प्रयोग:


भयानक दुर्घटना

असाध्य रोग

दिल का दौरा

मारकेश की दशा

अष्टमस्थ शनि

राहू या केतु की दशा

बालारिष्ट योग

और कारागार बंधन का यदि भय हो तो महामृत्युंजय मन्त्र का अनुष्ठान अत्यंत लाभकारी है .

जप संख्या : कम से कम लघु 31,000, या दीर्घ 1,25,000 या कलयुग के नियमानुसार अधिकतम अति दीर्घ 5,00,000

अवधि : अत्यंत ही नाजुक परिस्थिति में अखंड या परिस्थिति अनुसार आवश्यक दिनों में

समय : यदि स्थिति अत्यंत नाजुक और आपातकालीन ना हो तो शिववास का विचार करके अन्यथा कभी भी .

 लघु महा मृत्युंजय जप  31,000 मंत्र जप +हवन  Rs. 21,000/- 
 दीर्घ महा मृत्युंजय जप  1,25,000 मंत्र जप +हवन  Rs. 51,000/- 
 अति दीर्घ महा मृत्युंजय जप   5,00,000 मंत्र जप +हवन  Rs. 2,11,000/-

अनुष्ठान कराने हेतु संपर्क करे

15 March 2016 यन्त्र

प्रतिदिन श्रीयंत्र के दर्शन मात्र से ही इसकी अद्भुत शक्तियों का लाभ मिलना शुरू हो जाता है, ऐसा पौराणिक शास्त्रों में उल्लेख है। अत: मनुष्‍य को चाहिए कि वे हर रोज श्रीयंत्र के दर्शन और पूजन का लाभ अवश्य लें। 

K2 Search

K2 Calendar

« June 2020 »
Mon Tue Wed Thu Fri Sat Sun
1 2 3 4 5 6 7
8 9 10 11 12 13 14
15 16 17 18 19 20 21
22 23 24 25 26 27 28
29 30          
 

दुर्भाग्य से मुक्ति और सौभाग्य प्राप्ति चाहिए ?