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कलश स्थापन

कलश स्थापन:Navratr kalash

जिन घरों में नवरात्रि पर कलश-स्थापना (घटस्थापना) होती है उनके लिए शुभ मुहूर्त : 

घटस्थापना शुभ मुहूर्त
सुबह 6 बजकर 22 मिनट से 8 बजकर 31 मिनट तक
अवधि - 02 घण्टे 09 मिनट

  •  

    घटस्थापना अभिजित मुहूर्त
    दोपहर 12 बजकर 8 मिनट से 12 बजकर 57 मिनट तक

  • (घटस्थापना मुहूर्त प्रतिपदा तिथि पर है)

    प्रतिपदा तिथि प्रारम्भ - अप्रैल 01, 2022 को सुबह 11 बजकर 53 से शुरू

    प्रतिपदा तिथि समाप्त - अप्रैल 02, 2022 को सुबह 11 बजकर 58 पर समाप्त

मां दुर्गा की पूजन सामग्री

- आम के पत्ते
- चावल
- लाल कलावा
- गंगा जल
- चंदन
- नारियल
- कपूर
- जौ
- गुलाल
- लौंग
- इलायची
- 5 पान
- सुपारी

- मिट्टी का बर्तन
- फूल
- श्रंगार का सामान
- चौकी
-आसान
- कमलगट्टा

 . इस दौरान घटस्थापना करना सबसे अच्छा होगा. वैसे नवरात्र के प्रारंभ से ही शुभ काल प्रारम्भ हो जाता है, इसलिए अगर जातक शुभ मुहूर्त में घट स्थापना नहीं कर पाता है तो वो पूरे दिन किसी भी वक्त कलश स्थापित कर सकता है, उसका कोई दुष्प्रभाव नहीं पड़ता है.

कलश की स्थापना करते समय कुछ बातों का ध्यान अवश्य रखें जैसे कि कलश पूजन के समय, पूर्व दिशा की ओर ही मूर्ति रख पूजन विधि संपन्न करें।मिटटी के घड़े में लाल कपड़ा लपेट कर उस पर पवित्र स्वास्तिक चिन्ह बनाएं। इसके बाद कलश के अंदर सुपारी, सिक्का और आम के पत्ते रखें। नजदीक एक कटोरी और दोना रख दें।एक नारियल ले लें और उसे लाल कपड़े में लपेट दें तथा उसे अंत में कलश के ऊपर स्थापित कर दें।

कलश स्थापना के बाद, गणेश जी और मां दुर्गा की आरती से, नौ दिनों का व्रत प्रारंभ किया जाता है. कलश स्थापना के दिन ही नवरात्रि की पहली देवी, मां दुर्गा के शैलपुत्री रूप की आराधना की जाती है. इस दिन सभी भक्त उपवास रखते हैं और सायंकाल में दुर्गा मां का पाठ और विधिपूर्वक पूजा करके अपना व्रत खोलते हैं.