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चैत्र नवरात्रि 2022

चैत्र नवरात्रि 2022 की हार्दिक शुभकामनायें

या देवी सर्वभू‍तेषु शक्तिरूपेण संस्थिता।
नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नम:।।

इस वर्ष चैत्र नवरात्रि 2 अप्रैल 2022 से शुरू होकर 11 अप्रैल 2022 तक है। नवरात्रि पूजन से घर में सुख समृद्धि का निवास होता है.

मार्कण्डेय-पुराण के अनुसार माँ दुर्गा के नौ रूपNavDurga

प्रथमं   शैलपुत्री   च   द्दितियं   ब्रह्मचारिणी |
तृतीयं   चन्द्रघण्टेति,   कुष्मंडेति चतुर्थकम  ||
पंचमं  स्कन्दमातेति  षष्ठं   कात्यायनीति च  |
सप्तं  कालरात्रीति   महागौरीति   चाष्टकम्  ||
नवं    सिद्दिदात्री   च  नव   दुर्गा प्रकीर्तिता:  ||

पहला दिन शैलपुत्री, दूसरा दिन ब्रह्मचारिणी, तीसरा दिन चन्द्रघंटा, चौथे दिन कुष्मांडा, पाचवें दिन स्कंदमाता, छठे दिन कात्यायनी, सातवें दिन कालरात्रि , आठवें दिन महागौरी, नौवें दिन सिद्धिदात्री. इन नौ रूपों में अलग-अलग दिनों में पूजा विधि-विधान से होती है .

 मां दुर्गा की प्रतिमा पूजा स्थल के मध्य में स्थापित कर रोली ,चावल, सिंदूर, माला, फूल, चुनरी, साड़ी, आभूषण और सुहाग से मां का श्रृंगार करना चाहिए.

साथ ही को प्रातः काल फल एवं मिष्ठान का भोग और रात्रि में दूध का भोग लगाना चाहिए और पूर्ण वाले दिन हलवा पूरी का भोग लगाना चाहिए. इस दिन से 'दुर्गा सप्तशती' अथवा 'दुर्गा चालीसा' का पाठ प्रारम्भ किया जाता है. पाठ पूजन के समय अखंड दीप जलाया जाता है जोकि व्रत के पारण तक जलता रहना चाहिए.