शिवशक्ति सिद्धपीठ

मां भगवती की इच्छा से सिद्धपीठ का निर्माण कार्य अग्रसर है जहां मां भगवती के परम शक्तिशाली दस स्वरूपों अर्थात दस महाविद्याओं की स्थापना की जाएगी।

जीवन के प्रत्येक क्षेत्र धर्म अर्थ काम मोक्ष में पूर्णता पाने हेतु इन दस महाविद्याओं की साधना अर्चना परम आवश्यक है। अनेक जन्म के तप के प्रभाव से साधारण मानव को इन महाविद्याओं की जानकारी और इनकी साधना में अग्रसर होने की प्रेरणा मिलती है।

जिस प्रकार जल कहने मात्र से प्यास नहीं बुझती, उसी प्रकार शक्ति के नाम लेने से मात्र मन को सन्तोष तो मिल जाता है किन्तु इनके प्रभाव को तभी जाना जा सकता है जब किसी जाग्रत स्थल पर इनकी साधना अनुष्ठान किया जाए।

 

दुर्भाग्य से मुक्ति और सौभाग्य प्राप्ति चाहिए ?